Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिठगà¥à¤¡à¤¼ खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? जानें कà¥à¤¯à¤¾ है सच...
डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिठसही डाइट को फॉलो करना बेहद ज़रूरी हो जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठताकि उनका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रहे। खासतौर पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मीठे के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤¯à¤¾ गà¥à¤¡à¤¼ का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है?डायबिटीज़ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है जिसमें आपका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल बढ़ने लगता है। डायबिटीज़ दो तरह की होती है, टाइप-1 और टाइप-2। आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहें, तो टाइप-1 डायबिटीज़ वो होती है, जिसमें हमारा इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने वाले सेलà¥à¤¸ को ख़तà¥à¤® कर देता है। वहीं, टाइप-2 डायबिटीज़ में शरीर पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œà¤¼ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उपयोग करने में असमरà¥à¤¥ होता है।
टाइप-1 के मà¥à¤•ाबले टाइप-2 डायबिटीज़ के मामले ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखे जाते हैं। अगर इसे सही तरीके से मैनेज न किया जाà¤, तो डायबिटीज़ की वजह किडनी, दिल और ज़रूरी अंगों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ गंà¤à¥€à¤° बीमारियां जनà¥à¤® ले सकती हैं। यही वजह है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों को अपनी डाइट का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर मिठाई, सोडा और मीठी खाने की चीज़ों से दूरी बनाकर रखनी होती है। लेकिन कई लोगों को लगता है कि नैचà¥à¤°à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤°à¥à¤¸ सेहत को नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चा सकते और डाबिटीज़ में à¤à¥€ इनका सेवन सही है।
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मिठास और डायबिटीज
कई लोगों मे हेलà¥à¤¦à¥€ रहने क लिठनैचà¥à¤°à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है, फिर चाहे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डायबिटीज़ हो या नहीं। शहद और गà¥à¤¡à¤¼ नैचà¥à¤°à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° हैं। चीनी की जगह इन दोनों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चीनी की तरह पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ नहीं किया जाता, इसलिठइनमें बेहद कम कैमिकलà¥à¤¸ और पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤¼à¤°à¥à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ होते हैं। सफेद और बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ चीनी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ गà¥à¤¡à¤¼ और शहद को कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हेलà¥à¤¦à¥€ माना जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ नैचà¥à¤°à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤°à¥à¤¸ डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है?
डायबिटीज़ के मरीज़ों को मीठे से दूरी बनाठरखने की सलाह दी जाती है, ताकि उनका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल न बढ़े। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम जो खाना खाते हैं वे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तौर पर कारà¥à¤¬à¥à¤¸ और चीनी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं, जो हमारे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने के लिठकाफी होता है।
डायबिटीज़ में गà¥à¤¡à¤¼
इसमें कोई शक़ नहीं कि गà¥à¤¡à¤¼ चीनी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हेलà¥à¤¦à¥€ होता है, लेकिन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिठयह दोनों ही à¤à¤• समान हैं। अगर डायबिटीज़ के मरीज़ गà¥à¤¡à¤¼ का सेवन करते हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी कम मातà¥à¤°à¤¾ में खाना चाहिà¤à¥¤ गà¥à¤¡à¤¼ में चीनी की मातà¥à¤°à¤¾ काफी ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, जिससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल बढ़ जाता है।
गà¥à¤¡à¤¼ का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ काफी हाई होता है, जो 84.4 है, जिसके कारण यह डायबिटिक लोगों के लिठठीक नहीं है।
तो कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
आरà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° की जगह नैचà¥à¤°à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² बेहतर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप जितना चाहे उतना खा सकते हैं। हमेशा याद रखें कि हर चीज़ की सीमित मातà¥à¤°à¤¾ ही अचà¥à¤›à¥€ है, फिर चाहे आप डायबीटिक हों या नहीं। अगर आपको डायबिटीज़ नहीं है तो ज़रूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीठा खाने से आपका वज़न बढ़ सकता है, आप मोटापे और कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |